Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.46.84: ये द्रौपदी के पाँचों पुत्र पाँच पर्वतों के समान अडिग होकर युद्ध के लिए खड़े हैं। ये सब के सब युद्धस्थल में अर्जुन के समान पराक्रमी हैं। 84॥   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  8.46.84 
अमी स्थिता द्रौपदेया: पञ्च पञ्चाचला इव।
व्यवस्थिता योद्धुकामा: सर्वेऽर्जुनसमा युधि॥ ८४॥
 
 
अनुवाद
ये द्रौपदी के पाँचों पुत्र पाँच पर्वतों के समान अडिग होकर युद्ध के लिए खड़े हैं। ये सब के सब युद्धस्थल में अर्जुन के समान पराक्रमी हैं। 84॥
 
These five sons of Draupadi are standing for the war as steadfast as five mountains. All of them are as mighty as Arjuna in the battlefield. 84॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)