Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.46.81: सदैव क्रोध में भरे हुए और बहुत समय से चली आ रही शत्रुता को स्मरण करते हुए वीर एवं पराक्रमी भीमसेन विजय की इच्छा से युद्ध के लिए खड़े हैं ॥ 81॥ | mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सदैव क्रोध में भरे हुए और बहुत समय से चली आ रही शत्रुता को स्मरण करते हुए वीर एवं पराक्रमी भीमसेन विजय की इच्छा से युद्ध के लिए खड़े हैं ॥ 81॥
Always filled with anger and remembering the enmity for a long time, the valiant and valiant Bhimasena is standing for the battle with the desire of victory. ॥ 81॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥