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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा
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श्लोक 76
श्लोक
8.46.76
शल्य उवाच
वरुणं कोऽम्भसा हन्यादिन्धनेन च पावकम्।
को वानिलं निगृह्णीयात् पिबेद् वा को महार्णवम्॥ ७६॥
अनुवाद
शल्य बोले, 'कर्ण! ऐसा कौन वीर है जो जल से वरुण को और ईंधन से अग्नि को मार सके? कौन वायु को बंदी बना सके और कौन समुद्र को पी सके?'
Shalya said, 'Karna! Who is such a brave man who can kill Varuna with water and Agni with fuel? Who can imprison the wind or who can drink the ocean?'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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