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mahabharat 8.46.75: देखो! अर्जुन बादलों से ढके हुए सूर्य के समान अब अदृश्य हो गया है। हे शल्य! इसे अर्जुन का अन्त समझो। वह योद्धाओं के समुद्र में डूब गया है।'   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  8.46.75 
एष सूर्य इवाम्भोदैश्छन्न: पार्थो न दृश्यते।
एतदन्तोऽर्जुन: शल्य निमग्नो योधसागरे॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
देखो! अर्जुन बादलों से ढके हुए सूर्य के समान अब अदृश्य हो गया है। हे शल्य! इसे अर्जुन का अन्त समझो। वह योद्धाओं के समुद्र में डूब गया है।'
 
Look! Arjuna, like the sun covered by clouds, is no longer visible. O Shalya! Consider this the end of Arjuna. He has drowned in the sea of ​​warriors.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)