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mahabharat 8.46.54-55h: कर्ण! देखो, अर्जुन के रथ की इन ध्वजाओं पर चन्द्रमा, सूर्य और तारों के स्वर्ण चिह्न और छोटी-छोटी घंटियाँ लगी हुई हैं। रथ पर लहराती ये ध्वजाएँ बादलों में चमकती बिजली की तरह चमक रही हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 54-55h
 
 
श्लोक  8.46.54-55h 
सहेमचन्द्रतारार्का: पताका: किङ्किणीयुता:॥ ५४॥
पश्य कर्णार्जुनस्यैता: सौदामन्य इवाम्बुदे।
 
 
अनुवाद
कर्ण! देखो, अर्जुन के रथ की इन ध्वजाओं पर चन्द्रमा, सूर्य और तारों के स्वर्ण चिह्न और छोटी-छोटी घंटियाँ लगी हुई हैं। रथ पर लहराती ये ध्वजाएँ बादलों में चमकती बिजली की तरह चमक रही हैं।
 
Karna! Look, these flags of Arjuna's chariot have golden symbols of the moon, sun and stars and small bells attached to them. These flags fluttering on the chariot are shining like lightning in the clouds. 54 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)