Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.46.49-50h: देखो! तुम्हारे घोड़े, जो विशाल, अत्यंत तीव्र, तेजस्वी हैं और आकाश में चील की तरह उड़ते हैं, काँप रहे हैं।' 49 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  8.46.49-50h 
सवेपथून् हयान् पश्य महाकायान् महाजवान्॥ ४९॥
प्लवमानान् दर्शनीयानाकाशे गरुडानिव।
 
 
अनुवाद
देखो! तुम्हारे घोड़े, जो विशाल, अत्यंत तीव्र, तेजस्वी हैं और आकाश में चील की तरह उड़ते हैं, काँप रहे हैं।' 49 1/2
 
‘Look! Your horses, which are huge, extremely fast and spectacular and fly like eagles in the sky, are trembling. 49 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)