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mahabharat 8.46.48-49h: कर्ण! आपके विशाल रथ में बँधे हुए रंग-बिरंगे उत्तम पंखे सहसा दहक उठे हैं और आपकी ध्वजा भी जोर-जोर से लहराने लगी है।॥48 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  8.46.48-49h 
रञ्जिताश्चामरा युक्तास्तव कर्ण महारथे॥ ४८॥
प्रवरा: प्रज्वलन्त्येते ध्वजश्चैव प्रकम्पते।
 
 
अनुवाद
कर्ण! आपके विशाल रथ में बँधे हुए रंग-बिरंगे उत्तम पंखे सहसा दहक उठे हैं और आपकी ध्वजा भी जोर-जोर से लहराने लगी है।॥48 1/2॥
 
Karna! The colourful and excellent fans tied to your huge chariot have suddenly become flaming and your flag has also started waving vigorously. ॥ 48 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)