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mahabharat 8.46.45-46h: कर्ण! वहाँ देखो! मेघ के समान भयंकर और भयानक दिखने वाला, विशाल भयंकर सूंड वाला केतु नामक ग्रह सूर्यमण्डल को घेरे हुए खड़ा है। ॥45 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.46.45-46h 
पश्य कर्ण महाघोरं भयदं लोमहर्षणम्॥ ४५॥
कबन्धं मेघसंकाशं भानुमावृत्य संस्थितम्।
 
 
अनुवाद
कर्ण! वहाँ देखो! मेघ के समान भयंकर और भयानक दिखने वाला, विशाल भयंकर सूंड वाला केतु नामक ग्रह सूर्यमण्डल को घेरे हुए खड़ा है। ॥45 1/2॥
 
Karna! Look there! A planet named Ketu, which looks scary and terrifying like a cloud, with a huge, fierce trunk, is standing surrounding the solar system. ॥ 45 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)