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mahabharat 8.46.42-43h: उनके रथ की भयंकर ध्वनि ऐसी है मानो कोई महा मेघ गर्जना कर रहा हो। निश्चय ही महात्मा श्रीकृष्ण और अर्जुन आ रहे हैं। 42 1/2   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 42-43h
 
 
श्लोक  8.46.42-43h 
श्रूयते तुमुल: शब्दो यथा मेघस्वनो महान्॥ ४२॥
ध्रुवमेतौ महात्मानौ वासुदेवधनंजयौ।
 
 
अनुवाद
उनके रथ की भयंकर ध्वनि ऐसी है मानो कोई महा मेघ गर्जना कर रहा हो। निश्चय ही महात्मा श्रीकृष्ण और अर्जुन आ रहे हैं। 42 1/2
 
‘The terrifying sound of their chariot is as if a great cloud is roaring. Surely, the great souls Shri Krishna and Arjuna are coming. 42 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)