vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा
»
श्लोक 26
श्लोक
8.46.26
सादिभि: स्यन्दनैर्नागैरधिकं समलङ्कृतै:।
स व्यूहराजो विबभौ देवासुरचमूपम:॥ २६॥
अनुवाद
अत्यंत सुसज्जित हाथियों, रथों और घुड़सवारों से सुसज्जित वह व्यौहारराज सेना देवताओं और दानवों की सेना के समान शोभायमान दिख रही थी।
Adorned with the most decorated elephants, chariots and horsemen, that Vyuharaj army looked as decorated as the army of the gods and demons. 26.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×