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mahabharat 8.46.25: हजारों वीर सैनिक, जो बेल्ट और तलवारों से लैस थे और कभी भी लड़ाई से पीछे नहीं हटते थे, उन पैदल सैनिकों और हाथियों के पैदल रक्षक थे।   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  8.46.25 
तेषां पदातिनागानां पादरक्षा: सहस्रश:।
पट्टिशासिधरा: शूरा बभूवुरनिवर्तिन:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
हजारों वीर सैनिक, जो बेल्ट और तलवारों से लैस थे और कभी भी लड़ाई से पीछे नहीं हटते थे, उन पैदल सैनिकों और हाथियों के पैदल रक्षक थे।
 
Thousands of valiant soldiers, armed with belts and swords and never retreating from a fight, were the footguards of those infantry and elephants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)