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mahabharat 8.46.24: वे हाथी ध्वजाओं, वैजयन्ती पताकाओं, तेजस्वी अस्त्र-शस्त्रों और सवारों से सुशोभित होकर वृक्षों के समूह से घिरे हुए पर्वतों के समान प्रतीत हो रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.46.24 
ते ध्वजैर्वैजयन्तीभिर्ज्वलद्भि: परमायुधै:।
सादिभिश्चास्थिता रेजुर्द्रुमवन्त इवाचला:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वे हाथी ध्वजाओं, वैजयन्ती पताकाओं, तेजस्वी अस्त्र-शस्त्रों और सवारों से सुशोभित होकर वृक्षों के समूह से घिरे हुए पर्वतों के समान प्रतीत हो रहे थे।
 
Those elephants, adorned with flags, Vaijayanti banners, dazzling weapons and riders, looked like mountains surrounded by clusters of trees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)