श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  8.46.15-16 
तेषां प्रपक्षा: काम्बोजा: शकाश्च यवनै: सह॥ १५॥
निदेशात् सूतपुत्रस्य सरथा: साश्वपत्तय:।
आह्वयन्तोऽर्जुनं तस्थु: केशवं च महाबलम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
सूतपुत्र के आदेशानुसार काम्बोज, शक और यवन अपने रथों, घुड़सवारों और पैदलों के साथ महाबली श्रीकृष्ण और अर्जुन को चुनौती देने के लिए आगे खड़े हो गए ॥15-16॥
 
On the orders of Sutaputra, the Kambojas, Shakas and Yavanas along with their chariots, horsemen and footmen stood challenging the mighty Shri Krishna and Arjuna in their front place. 15-16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)