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mahabharat 8.46.10: संजय कहते हैं, "हे राजन! व्यूह किस प्रकार रचा गया, अर्जुन किस प्रकार और कहाँ गए तथा दोनों दलों के योद्धाओं ने अपने-अपने राजाओं को चारों ओर से घेरकर किस प्रकार युद्ध किया? यह सब मैं तुम्हें बताता हूँ, कृपया सुनो।"   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.46.10 
संजय उवाच
शृणु व्यूहस्य रचनामर्जुनश्च यथा गत:।
परिवार्य नृपं स्वं स्वं संग्रामश्चाभवद् यथा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं, "हे राजन! व्यूह किस प्रकार रचा गया, अर्जुन किस प्रकार और कहाँ गए तथा दोनों दलों के योद्धाओं ने अपने-अपने राजाओं को चारों ओर से घेरकर किस प्रकार युद्ध किया? यह सब मैं तुम्हें बताता हूँ, कृपया सुनो।"
 
Sanjaya says, "O King! How was the array formed, how and where did Arjuna go, and how did the warriors of both the groups fight after surrounding their respective kings from all sides? I will tell you all this, please listen."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)