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mahabharat 8.45.39: यह जानकर तुम चुपचाप बैठ जाओ। फिर कुछ भी नकारात्मक मत कहना। अन्यथा मैं पहले तुम्हारा वध करूँगा और फिर श्रीकृष्ण और अर्जुन का भी वध करूँगा। 39.   |   mahabharat अध्याय 8.45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  8.45.39 
एतज्ज्ञात्वा जोषमास्स्व प्रतीपं मा स्म वै कृथा:।
मा त्वां पूर्वमहं हत्वा हनिष्ये केशवार्जुनौ॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
यह जानकर तुम चुपचाप बैठ जाओ। फिर कुछ भी नकारात्मक मत कहना। अन्यथा मैं पहले तुम्हारा वध करूँगा और फिर श्रीकृष्ण और अर्जुन का भी वध करूँगा। 39.
 
Knowing this, you should sit quietly. Then do not say anything negative. Otherwise, I will first kill you and then kill Shri Krishna and Arjun. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)