Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.45.38: शराब पीना, गुरु की शय्या का उपयोग करना, भ्रूण हत्या करना और दूसरों का धन चुराना - जिनके लिए ये धर्म हैं, उनके लिए अधर्म जैसी कोई चीज़ नहीं है। ऐसे अरत्त और पंचनादेश के लोगों पर धिक्कार है! | mahabharat अध्याय 8.45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शराब पीना, गुरु की शय्या का उपयोग करना, भ्रूण हत्या करना और दूसरों का धन चुराना - जिनके लिए ये धर्म हैं, उनके लिए अधर्म जैसी कोई चीज़ नहीं है। ऐसे अरत्त और पंचनादेश के लोगों पर धिक्कार है!
Drinking alcohol, using the bed of a Guru, killing an embryo and stealing the wealth of others - for those for whom these are Dharma, there is no such thing as Adharma. Shame on such people of Aratta and Panchanadesh!
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥