Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.45.37: शल्य! तुम ऐसे ही हो। अब तुम मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं दोगे। मद्र देश के निवासियों को पृथ्वी के समस्त देशों का मैल कहा गया है। 37. | mahabharat अध्याय 8.45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वमेतादृश: शल्य नोत्तरं वक्तुमर्हसि।
पृथिव्यां सर्वदेशानां मद्रको मलमुच्यते॥ ३७॥
अनुवाद
शल्य! तुम ऐसे ही हो। अब तुम मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं दोगे। मद्र देश के निवासियों को पृथ्वी के समस्त देशों का मैल कहा गया है। 37.
Shalya! That's how you are. Now you will not answer my question. The inhabitants of Madra country are said to be the scum of all the countries of the earth. 37.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥