Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.45.26: यदि तुम मुझे इस सरोवर से न बचाओगे, तो राजपुरोहितों और मद्र देश के लोगों का सारा मल तुम्हें प्राप्त हो।॥26॥   |   mahabharat अध्याय 8.45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  8.45.26 
राजयाजकयाज्यानां मद्रकाणां च यन्मलम्।
तद् भवेद् वै तव मलं यद्यस्मान्न विमुञ्चसि॥ २६॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम मुझे इस सरोवर से न बचाओगे, तो राजपुरोहितों और मद्र देश के लोगों का सारा मल तुम्हें प्राप्त हो।॥26॥
 
May you receive all the filth of the priests of the royal priests and the people of Madra country, if you do not rescue me from this lake.'॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)