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mahabharat 8.45.13: अतः उनके धन और सम्पत्ति के उत्तराधिकारी उनके भतीजे हैं, उनके पुत्र नहीं॥13॥   |   mahabharat अध्याय 8.45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  8.45.13 
तस्मात् तेषां भागहरा भागिनेया न सूनव:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
अतः उनके धन और सम्पत्ति के उत्तराधिकारी उनके भतीजे हैं, उनके पुत्र नहीं॥13॥
 
‘Therefore the heirs to their wealth and property are their nephews, not their sons.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)