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mahabharat 8.45.10: शल्य! ये सब बातें जान लो। मैं तुम्हें और भी बताऊँगा। दूसरे यात्री ने बहियों के विषय में जो घृणित बातें कहीं हैं, उन्हें सुनो -॥10॥   |   mahabharat अध्याय 8.45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 45: कर्णका मद्र आदि बाहीक-निवासियोंके दोष बताना, शल्यका उत्तर देना और दुर्योधनका दोनोंको शान्त करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.45.10 
हन्त शल्य विजानीहि हन्त भूयो ब्रवीमि ते।
यदप्यन्योऽब्रवीद् वाक्यं वाहीकानां च कुत्सितम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
शल्य! ये सब बातें जान लो। मैं तुम्हें और भी बताऊँगा। दूसरे यात्री ने बहियों के विषय में जो घृणित बातें कहीं हैं, उन्हें सुनो -॥10॥
 
Shalya! Know all these things. I will tell you more. Listen to the disgusting things told by another traveller about the Bahis -॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)