Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.44.47: प्रस्थल, मद्र, गांधार, अरत्त, खस, वसाति, सिन्धु और सौवीर- इन देशों की प्रायः अत्यधिक आलोचना की जाती है। 47॥ | mahabharat अध्याय 8.44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रस्थल, मद्र, गांधार, अरत्त, खस, वसाति, सिन्धु और सौवीर- इन देशों की प्रायः अत्यधिक आलोचना की जाती है। 47॥
Prasthal, Madra, Gandhara, Aratta, Khas, Vasati, Sindhu and Sauvir – these countries are often highly criticized. 47॥
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि कर्णशल्यसंवादे चतुश्चत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें कर्ण और शल्यका संवादविषयक चौवालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥