Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.44.35-37h: एक विद्वान ब्राह्मण ने भी संतों की एक सभा में कहा था कि 'बाहीक देश के लोग लकड़ी के बर्तनों और मिट्टी के बर्तनों में, जिनमें सत्तू (एक प्रकार का गेहूँ) और मदिरा लिपटी होती है और जिसे कुत्ते चाटते हैं, बिना किसी घृणा के भोजन करते हैं।' बाहीक देश के निवासी भेड़, ऊँट और गधे का दूध पीते हैं और उसी दूध से बने दही और घी आदि भी खाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा  »  श्लोक 35-37h
 
 
श्लोक  8.44.35-37h 
ब्राह्मणेन तथा प्रोक्तं विदुषा साधुसंसदि।
काष्ठकुण्डेषु वाहीका मृन्मयेषु च भुञ्जते॥ ३५॥
सक्तुमद्यावलिप्तेषु श्वावलीढेषु निर्घृणा:।
आविकं चौष्ट्रिकं चैव क्षीरं गार्दभमेव च॥ ३६॥
तद्विकारांश्च वाहीका: खादन्ति च पिबन्ति च।
 
 
अनुवाद
एक विद्वान ब्राह्मण ने भी संतों की एक सभा में कहा था कि 'बाहीक देश के लोग लकड़ी के बर्तनों और मिट्टी के बर्तनों में, जिनमें सत्तू (एक प्रकार का गेहूँ) और मदिरा लिपटी होती है और जिसे कुत्ते चाटते हैं, बिना किसी घृणा के भोजन करते हैं।' बाहीक देश के निवासी भेड़, ऊँट और गधे का दूध पीते हैं और उसी दूध से बने दही और घी आदि भी खाते हैं।
 
A learned Brahmin had also said in a gathering of saints that 'The people of the country of Bahik eat without any disgust in wooden vats and earthen pots where Sattu (a type of wheat) and wine are wrapped and which are licked by dogs. The residents of the country of Bahik drink the milk of sheep, camel and donkey and also eat curd and ghee etc. made from the same milk.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)