Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.44.33-34: जिनके धर्म-कर्म नष्ट हो गए हैं, वे संस्कारों से रहित हैं, अवैध बाह्य यज्ञों से रहित हैं। ऐसा सुना गया है कि देवता, पितर और ब्राह्मण भी उनके द्वारा अर्पित द्रव्य को स्वीकार नहीं करते।॥33-34॥ | mahabharat अध्याय 8.44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनके धर्म-कर्म नष्ट हो गए हैं, वे संस्कारों से रहित हैं, अवैध बाह्य यज्ञों से रहित हैं। ऐसा सुना गया है कि देवता, पितर और ब्राह्मण भी उनके द्वारा अर्पित द्रव्य को स्वीकार नहीं करते।॥33-34॥
‘Those whose religious duties have been destroyed are devoid of sanskars (impressions), devoid of illegal external sacrifices. It has been heard that even the gods, ancestors and Brahmins do not accept the material offered by them.'॥ 33-34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥