vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा
»
श्लोक 28-29h
श्लोक
8.44.28-29h
वाराहं कौक्कुटं मांसं गव्यं गार्दभमौष्ट्रिकम्॥ २८॥
ऐडं च ये न खादन्ति तेषां जन्म निरर्थकम्।
अनुवाद
‘जो लोग सूअर, मुर्गी, गाय, गधे, ऊँट और भेड़ का मांस नहीं खाते, उनका जन्म व्यर्थ है।’॥28 1/2॥
‘Those who do not eat the meat of pig, chicken, cow, donkey, camel and sheep, their birth is in vain.’॥ 28 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×