श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  8.44.28-29h 
वाराहं कौक्कुटं मांसं गव्यं गार्दभमौष्ट्रिकम्॥ २८॥
ऐडं च ये न खादन्ति तेषां जन्म निरर्थकम्।
 
 
अनुवाद
‘जो लोग सूअर, मुर्गी, गाय, गधे, ऊँट और भेड़ का मांस नहीं खाते, उनका जन्म व्यर्थ है।’॥28 1/2॥
 
‘Those who do not eat the meat of pig, chicken, cow, donkey, camel and sheep, their birth is in vain.’॥ 28 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)