Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.44.16-17h: निश्चय ही वह लम्बी, सुन्दर और सुन्दर कम्बलधारी मेरी प्रियतमा कुरुजांगल क्षेत्र में रहने वाले मुझ प्रभु का निरन्तर स्मरण करती हुई सो रही होगी॥16 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निश्चय ही वह लम्बी, सुन्दर और सुन्दर कम्बलधारी मेरी प्रियतमा कुरुजांगल क्षेत्र में रहने वाले मुझ प्रभु का निरन्तर स्मरण करती हुई सो रही होगी॥16 1/2॥
Surely that tall, fair and fine blanket-wearing beloved of mine must be sleeping constantly remembering me, the one who lives in the Kurujangal region.॥ 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥