श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 44: कर्णके द्वारा मद्र आदि बाहीक देशवासियोंकी निन्दा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  8.44.11 
धाना गौड्यासवं पीत्वा गोमांसं लशुनै: सह।
अपूपमांसवाट्यानामाशिन: शीलवर्जिता:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वे भुने हुए जौ और लहसुन के साथ गोमांस खाते हैं और गुड़ की मदिरा पीकर मदमस्त रहते हैं। जो बाहीकदेश के लोग पूड़ी, मांस और जल खाते हैं, वे सदाचार और आचरण से रहित हैं॥11॥
 
‘They eat beef with roasted barley and garlic and remain inebriated by drinking wine made of jaggery. The people of Bahikdesh who eat puri, meat and water are devoid of morality and conduct.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)