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श्लोक 8.43.5  |
नीचस्य बलमेतावत् पारुष्यं यत्त्वमात्थ माम्।
अशक्तो मद्गुणान् वक्तुं वल्गसे बहु दुर्मते॥ ५॥ |
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| अनुवाद |
| तूने मुझसे जो कठोर वचन कहे हैं, वे नीच पुरुष का बल हैं। हे मूर्ख! मेरे गुणों का वर्णन न कर पाने के कारण तू नाना प्रकार की व्यर्थ बातें बकता रहता है॥5॥ |
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| The harsh words you have spoken to me are the strength of a mean man. Foolish man! Being unable to describe my qualities, you keep on blabbering many nonsense things.॥ 5॥ |
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