अन्यत्र तस्मात् तव मृत्युकाला-
दब्राह्मणे ब्रह्म न हि ध्रुवं स्यात्।
तदद्य पर्याप्तमतीव चास्त्र-
मस्मिन् संग्रामे तुमुलेऽतीव भीमे॥ ९॥
अनुवाद
यह अस्त्र तुम्हारे मृत्युकाल को छोड़कर अन्य अवसरों पर ही काम आ सकता है; क्योंकि यह ब्रह्मास्त्र ब्राह्मण के अतिरिक्त अन्य किसी पुरुष में सदा स्थिर नहीं रह सकता।’ वह अस्त्र आज इस अत्यन्त भयानक और कोलाहलपूर्ण युद्ध में बहुत काम आ सकता है॥9॥
This weapon can be of use to you only on other occasions except at the time of your death; because this Brahmastra cannot remain stable forever in a person other than a Brahmin.' That weapon can be of great use today in this extremely terrifying and tumultuous battle.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥