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mahabharat 8.41.83: हे कर्ण! जब तुम युद्धस्थल में महाबली श्रीकृष्ण और अर्जुन को एक ही रथ पर बैठे हुए देखोगे, तब तुम ऐसी बातें नहीं कह सकोगे।   |   mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  8.41.83 
यदा त्वं युधि विक्रान्तौ वासुदेवधनंजयौ।
द्रष्टास्येकरथे कर्ण तदा नैवं वदिष्यसि॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
हे कर्ण! जब तुम युद्धस्थल में महाबली श्रीकृष्ण और अर्जुन को एक ही रथ पर बैठे हुए देखोगे, तब तुम ऐसी बातें नहीं कह सकोगे।
 
O Karna! When you see the mighty Sri Krishna and Arjuna sitting on the same chariot on the battlefield, then you will not be able to say such things. 83
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)