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श्लोक 8.41.81  |
इदानीमेव द्रष्टासि प्रधाने स्यन्दने स्थितौ।
पुत्रं च वसुदेवस्य कुन्तीपुत्रं च पाण्डवम्॥ ८१॥ |
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| अनुवाद |
| इसी समय तुम मुख्य रथ पर बैठे हुए वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण और कुन्तीकुमार पाण्डुपुत्र अर्जुन को देखोगे ॥81॥ |
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| At this very moment you will see Vasudevanandan Shri Krishna and Kuntikumar Pandu's son Arjun sitting on the main chariot. 81॥ |
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