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mahabharat 8.41.79: तुमने सदैव द्रोणाचार्य और भीष्म द्वारा समस्त राजाओं की उपस्थिति में कहे गए वचन सुने होंगे। वे दोनों कहा करते थे कि श्रीकृष्ण और अर्जुन अजेय हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  8.41.79 
सततं च त्वमश्रौषीर्वचनं द्रोणभीष्मयो:।
अवध्यौ वदत: कृष्णौ संनिधौ च महीक्षिताम्॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
तुमने सदैव द्रोणाचार्य और भीष्म द्वारा समस्त राजाओं की उपस्थिति में कहे गए वचन सुने होंगे। वे दोनों कहा करते थे कि श्रीकृष्ण और अर्जुन अजेय हैं।
 
You have always heard the words spoken by Dronacharya and Bhishma in the presence of all the kings. Both of them used to say that Shri Krishna and Arjuna were invincible. 79.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)