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mahabharat 8.41.75: जब तुमने युद्धभूमि में अपने भाई को सव्यसाची अर्जुन के हाथों मारा हुआ देखा, तो तुम ही सबसे पहले कौरव योद्धाओं के सामने भागे।   |   mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  8.41.75 
भ्रातरं निहतं दृष्ट्वा समरे सव्यसाचिना।
पश्यतां कुरुवीराणां प्रथमं त्वं पलायित:॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
जब तुमने युद्धभूमि में अपने भाई को सव्यसाची अर्जुन के हाथों मारा हुआ देखा, तो तुम ही सबसे पहले कौरव योद्धाओं के सामने भागे।
 
When you saw your brother being killed by Savyasachi Arjuna in the battlefield, you were the first to run before the Kaurava warriors. 75
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)