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mahabharat 8.41.73: विराटनगर में द्रोणाचार्य, अश्वत्थामा, कृपाचार्य, भीष्म आदि कौरव योद्धा भी आपकी रक्षा कर रहे थे, फिर आपने उस समय अकेले सामने आए अर्जुन को क्यों नहीं मार डाला?॥ 73॥   |   mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  8.41.73 
द्रोणद्रौणिकृपैर्गुप्तो भीष्मेणान्यैश्च कौरवै:।
विराटनगरे पार्थमेकं किं नावधीस्तदा॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
विराटनगर में द्रोणाचार्य, अश्वत्थामा, कृपाचार्य, भीष्म आदि कौरव योद्धा भी आपकी रक्षा कर रहे थे, फिर आपने उस समय अकेले सामने आए अर्जुन को क्यों नहीं मार डाला?॥ 73॥
 
In Viratnagar, Dronacharya, Ashwatthama, Kripacharya, Bhishma and other Kaurava warriors were also protecting you. Then why did you not kill Arjuna who came alone in front of you at that time?॥ 73॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)