Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.41.70-71h: कर्ण! इस प्रकार बचा हुआ अन्न खाकर बलवान हो जाने पर हंस से पराजित हुआ कौआ अपने महान बल और पराक्रम का अभिमान त्यागकर शान्त हो गया। | mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमुच्छिष्टपुष्ट: स काको हंसपराजित:॥ ७०॥
बलवीर्यमदं कर्ण त्यक्त्वा क्षान्तिमुपागत:।
अनुवाद
कर्ण! इस प्रकार बचा हुआ अन्न खाकर बलवान हो जाने पर हंस से पराजित हुआ कौआ अपने महान बल और पराक्रम का अभिमान त्यागकर शान्त हो गया।
Karna! Having thus become strong by eating the leftovers, the crow, defeated by the swan, gave up the pride of his great strength and valour and became calm. 70 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥