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श्लोक 8.41.60  |
सागराम्भसि तं दृष्ट्वा पतितं दीनचेतसम्।
म्रियमाणमिदं काकं हंसो वाक्यमुवाच ह॥ ६०॥ |
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| अनुवाद |
| हंस ने उस कौवे से यह बात कही जो समुद्र में गिरकर अत्यन्त दुःखी हो गया था और मरणासन्न था -॥60॥ |
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| The laugh said this to the crow who was very miserable after falling into the ocean and was near death -॥ 60॥ |
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