Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.41.51-52: तत्पश्चात् एक अत्यंत थकी हुई कौआ हंस के पास आई। हंस ने देखा कि कौए की दशा अत्यंत दयनीय हो गई है। अब वह जल में डूबने ही वाला है। तब उसने सज्जनों के व्रतों का स्मरण करके तथा उसकी मुक्ति की कामना से यह कहा। 51-52 | mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् एक अत्यंत थकी हुई कौआ हंस के पास आई। हंस ने देखा कि कौए की दशा अत्यंत दयनीय हो गई है। अब वह जल में डूबने ही वाला है। तब उसने सज्जनों के व्रतों का स्मरण करके तथा उसकी मुक्ति की कामना से यह कहा। 51-52
Thereafter, a very tired female crow came near the swan. The swan saw that the condition of the crow had become very pitiable. Now it was about to drown in the water. Then remembering the vows of the noble men and with the desire of its salvation in mind, he said this. 51-52.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥