Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.41.43-44h: तब कौओं ने हंसों का अपमान करते हुए कहा, 'जो हंस उड़ गया, वह इस तरह कौओं से पीछे पड़ा है!'   |   mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  8.41.43-44h 
अवमन्य च हंसांस्तानिदं वचनमब्रुवन्॥ ४३॥
योऽसावुत्पतितो हंस: सोऽसावेवं प्रहीयते।
 
 
अनुवाद
तब कौओं ने हंसों का अपमान करते हुए कहा, 'जो हंस उड़ गया, वह इस तरह कौओं से पीछे पड़ा है!'
 
Then the crows insulted the swans and said, 'The swan that flew away is lagging behind the crows like this!'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)