Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.41.33-35h: हंस बोला, "कौआ! तुम तो एक सौ एक उड़ान भर सकते हो। लेकिन मैं तो बस वही उड़ान भर सकता हूँ जो सभी पक्षी जानते हैं, मुझे कोई और उड़ान नहीं आती। लाल आँखों वाला कौआ? तुम भी अपनी इच्छानुसार उड़ान भर सकते हो।" 33-34 1/2 | mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हंस बोला, "कौआ! तुम तो एक सौ एक उड़ान भर सकते हो। लेकिन मैं तो बस वही उड़ान भर सकता हूँ जो सभी पक्षी जानते हैं, मुझे कोई और उड़ान नहीं आती। लाल आँखों वाला कौआ? तुम भी अपनी इच्छानुसार उड़ान भर सकते हो।" 33-34 1/2
The swan said - Crow! You can certainly fly in a hundred and one flights. But I can fly in the one flight which all the birds know, I do not know of any other flight. Red-eyed crow? You too can fly in the flight which you think is appropriate. 33-34 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥