Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.41.18-20h: तब कौआ, जो अपने बचे हुए भोजन पर गर्व करता था, यह जानने के लिए कि हंसों में श्रेष्ठ कौन है, उनके पास उड़ गया। और मूर्ख ने दूर उड़ रहे बहुत से हंसों में से जिस पक्षी को वह श्रेष्ठ समझता था, उसे चुनौती देकर कहा, 'आओ, हम दोनों उड़ें।'॥18-19 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब कौआ, जो अपने बचे हुए भोजन पर गर्व करता था, यह जानने के लिए कि हंसों में श्रेष्ठ कौन है, उनके पास उड़ गया। और मूर्ख ने दूर उड़ रहे बहुत से हंसों में से जिस पक्षी को वह श्रेष्ठ समझता था, उसे चुनौती देकर कहा, 'आओ, हम दोनों उड़ें।'॥18-19 1/2॥
Then the crow, who was proud of his leftovers, flew to them in order to know who was the best among the swans. And the foolish one challenged the bird which he considered the best among the many swans flying far away, saying, 'Come, let us both fly.'॥ 18-19 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥