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mahabharat 8.41.13-14h: वैश्य के बच्चे उस कौए को हमेशा मांस, चावल, दही, दूध, खीर, शहद और घी आदि देते थे।   |   mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  8.41.13-14h 
तस्मै सदा प्रयच्छन्ति वैश्यपुत्रा: कुमारका:॥ १३॥
मांसौदनं दधि क्षीरं पायसं मधुसर्पिषी।
 
 
अनुवाद
वैश्य के बच्चे उस कौए को हमेशा मांस, चावल, दही, दूध, खीर, शहद और घी आदि देते थे।
 
The Vaishya's children always used to give meat, rice, curd, milk, kheer, honey and ghee etc. to that crow. 13 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)