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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  8.41.12-13h 
पुत्राणां तस्य बालानां कुमाराणां यशस्विनाम्॥ १२॥
काको बहूनामभवदुच्छिष्टकृतभोजन:।
 
 
अनुवाद
वहाँ एक कौआ भी रहता था जो उसके सभी युवा और यशस्वी पुत्रों का बचा हुआ भोजन खा जाता था। 12 1/2
 
A crow, which ate the leftovers of all his many young and illustrious sons, also lived there. 12 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)