Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.41.10-12h: कहा जाता है कि एक धर्मात्मा राजा के राज्य में समुद्र तट पर एक धनी वैश्य रहता था। वह यज्ञ करने वाला, दानशील, क्षमाशील, वर्णानुसार कर्म करने वाला, धर्मात्मा, अनेक पुत्रों वाला, बालकों से प्रेम करने वाला और सभी जीवों पर दया करने वाला था। 10-11 1/2 | mahabharat अध्याय 8.41: राजा शल्यका कर्णको एक हंस और कौएका उपाख्यान सुनाकर उसे श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करते हुए उनकी शरणमें जानेकी सलाह देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कहा जाता है कि एक धर्मात्मा राजा के राज्य में समुद्र तट पर एक धनी वैश्य रहता था। वह यज्ञ करने वाला, दानशील, क्षमाशील, वर्णानुसार कर्म करने वाला, धर्मात्मा, अनेक पुत्रों वाला, बालकों से प्रेम करने वाला और सभी जीवों पर दया करने वाला था। 10-11 1/2
It is said that in the kingdom of a religious king, there lived a Vaishya rich in abundance on the sea shore. He was a person who performed Yagya, a charitable person, forgiving, prompt in his work as per his varna, pious, had many sons, loved children and was kind to all living beings. 10-11 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥