श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 40: कर्णका शल्यको फटकारते हुए मद्रदेशके निवासियोंकी निन्दा करना एवं उसे मार डालनेकी धमकी देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.40.9 
तमहं जातु नास्येयमन्यस्मिन् फाल्गुनादृते।
कृष्णाद् वा देवकीपुत्रात् सत्यं चापि शृणुष्व मे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
मैं अर्जुन या देवकीपुत्र श्रीकृष्ण के अतिरिक्त किसी पर यह बाण नहीं चलाऊँगा। मेरी सत्य बात ध्यानपूर्वक सुनो॥9॥
 
I will never shoot this arrow at anyone except Arjuna or Devaki's son Shri Krishna. Listen to my truth carefully.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)