श्रोतारस्त्विदमद्येह द्रष्टारो वा कुदेशज॥ ५५॥
कर्णं वा जघ्नतु: कृष्णौ कर्णो वा निजघान तौ।
अनुवाद
हे नीच देश में जन्मे शल्य! आज श्रोतागण सुनेंगे और दर्शक देखेंगे कि 'श्रीकृष्ण और अर्जुन ने कर्ण को मारा या स्वयं कर्ण ने उन दोनों को मारा' ॥55 1/2॥
Shalya, born in a low country! Today the listeners will hear and the viewers will see whether 'Sri Krishna and Arjun killed Karna or Karna himself killed them both'. ॥ 55 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥