Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.40.52-53h: हे बुद्धिमान शल्य! यह जानकर भी चुप रहो। तुम भय के मारे इतना बड़बड़ा क्यों रहे हो? हे मद्र देश के दुष्ट! यदि तुम चुप नहीं रहोगे, तो मैं तुम्हारे टुकड़े-टुकड़े करके मांसाहारी पशुओं में बाँट दूँगा। | mahabharat अध्याय 8.40: कर्णका शल्यको फटकारते हुए मद्रदेशके निवासियोंकी निन्दा करना एवं उसे मार डालनेकी धमकी देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं विद्वञ्जोषमास्स्व त्रासात् किं बहु भाषसे॥ ५२॥
मा त्वां हत्वा प्रदास्यामि क्रव्याद्भॺो मद्रकाधम।
अनुवाद
हे बुद्धिमान शल्य! यह जानकर भी चुप रहो। तुम भय के मारे इतना बड़बड़ा क्यों रहे हो? हे मद्र देश के दुष्ट! यदि तुम चुप नहीं रहोगे, तो मैं तुम्हारे टुकड़े-टुकड़े करके मांसाहारी पशुओं में बाँट दूँगा।
Wise Shalya! Knowing this, keep quiet. Why do you mumble so much out of fear? O wretched man of Madra country! If you do not keep quiet, I will cut you into pieces and distribute them among the carnivorous animals. 52 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥