Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.40.48-49h: या तो तुम धूप से झुलसे हुए हिरण की तरह विलाप करो या सूख जाओ। हे क्षत्रिय धर्म में स्थित मुझ कर्ण को तुम भयभीत नहीं कर सकते। | mahabharat अध्याय 8.40: कर्णका शल्यको फटकारते हुए मद्रदेशके निवासियोंकी निन्दा करना एवं उसे मार डालनेकी धमकी देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
या तो तुम धूप से झुलसे हुए हिरण की तरह विलाप करो या सूख जाओ। हे क्षत्रिय धर्म में स्थित मुझ कर्ण को तुम भयभीत नहीं कर सकते।
You may either lament like a deer scorched by the sun or you may dry up. You cannot frighten me, Karna, who is established in the dharma of a Kshatriya. 48 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥