श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 40: कर्णका शल्यको फटकारते हुए मद्रदेशके निवासियोंकी निन्दा करना एवं उसे मार डालनेकी धमकी देना  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  8.40.40-41h 
गौर्यो बृहत्यो निर्ह्रीका मद्रिका: कम्बलावृता:॥ ४०॥
घस्मरा नष्टशौचाश्च प्राय इत्यनुशुश्रुम।
 
 
अनुवाद
हमने सुना है कि मद्र देश की स्त्रियाँ प्रायः गोरी, लम्बी, निर्लज्ज, कम्बल से शरीर ढकने वाली, बहुत खाने वाली और अत्यन्त अशुद्ध होती हैं ॥40 1/2॥
 
We have heard that the women of Madra country are generally fair, tall, shameless, cover their bodies with blankets, eat a lot and are very impure. ॥ 40 1/2 ॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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