Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.40.19-20h: मैं अपने बल को भली-भाँति जानता हूँ; इसीलिए मैं श्रीकृष्ण और अर्जुन से कभी नहीं डरता। हे नीच देश में जन्मे शल्य! तुम चुप रहो। मैं अकेला ही हजारों श्रीकृष्णों और सैकड़ों अर्जुनों का वध करूँगा। | mahabharat अध्याय 8.40: कर्णका शल्यको फटकारते हुए मद्रदेशके निवासियोंकी निन्दा करना एवं उसे मार डालनेकी धमकी देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं अपने बल को भली-भाँति जानता हूँ; इसीलिए मैं श्रीकृष्ण और अर्जुन से कभी नहीं डरता। हे नीच देश में जन्मे शल्य! तुम चुप रहो। मैं अकेला ही हजारों श्रीकृष्णों और सैकड़ों अर्जुनों का वध करूँगा।
I know my strength very well; that is why I am never afraid of Shri Krishna and Arjun. O Shalya born in a lowly country! You keep quiet. I alone will kill thousands of Shri Krishnas and hundreds of Arjuns.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥