श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 4: धृतराष्ट्रका शोक और समस्त स्त्रियोंकी व्याकुलता  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  8.4.5 
राजानं च समासाद्य गान्धारी भरतर्षभ।
नि:संज्ञा पतिता भूमौ सर्वाण्यन्त:पुराणि च॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे भारतभूषण! देवी गांधारी राजा धृतराष्ट्र के पास आकर मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़ीं। यही बात हरम की सभी स्त्रियों के साथ भी हुई।
 
O Bharatbhushan! Goddess Gandhari came near King Dhritarashtra and fell unconscious on the ground. The same happened with all the women of the harem.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)