Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.4.2-3h: भरतश्रेष्ठ जनमेजय! जब राजाओं में श्रेष्ठ धृतराष्ट्र व्याकुल होकर पृथ्वी पर गिर पड़े, तब महल में स्त्रियों का महान आर्तनाद गूंज उठा। 2 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.4: धृतराष्ट्रका शोक और समस्त स्त्रियोंकी व्याकुलता । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतश्रेष्ठ जनमेजय! जब राजाओं में श्रेष्ठ धृतराष्ट्र व्याकुल होकर पृथ्वी पर गिर पड़े, तब महल में स्त्रियों का महान आर्तनाद गूंज उठा। 2 1/2॥
Bharatshreshtha Janamejaya! When Dhritarashtra, the best among kings, fell on the earth in distraught, a great cry of women echoed in the palace. 2 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥